Essay On Mera Priya Mitra In Hindi

मित्रता एक ऐसा रिश्ता है जो पारिवारिक या खून से संबंधित न होने के बावजूद भी इनसे कम भरोसेमंद नहीं होता। मित्रता की इसी परिभाषा को शब्दों के माध्यम से और निबंध के रुप में हम आपके सामने रखने जा रहें हैं। हम यहां पर मेरा ‘परम मित्र’ (लघु और वर्णनात्मक) पर सरल और अलग-अलग शब्द सीमाओं के साथ विभिन्न पैराग्राफ और निबंध उपलब्ध करा रहें हैं। ये निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6 आदि सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिये उपयोगी साबित होगी जिसका चयन विद्यार्थि अपनी सुविधा अनुसार कर सकते हैं।

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध (माय बेस्ट फ्रेंड एस्से)

You can find below some essays on My Best Friend in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध 1 (100 शब्द)

स्कूल के समय से मेरी सबसे अच्छी दोस्त अर्चना है। हम लोग बचपन से लेकर आजतक बहुत अच्छे दोस्त हैं। वो एक स्मार्ट लड़की है जिसका रंग गोरा और गालों पर डिंपल है। वो एक आकर्षक लड़की है, मैं उसे बहुत पसंद करता हूं। मुझे अभी-भी याद है कि हम लोग हमारे किंग्डरगार्डेन क्लास में मिले थे और हमेशा के लिये अच्छे दोस्त बन गये। वो स्वाभाव से बहुत मनोरंजक, मिलनसार और मददगार है।

वो मुझे बहुत समझती है और मेरी सभी अच्छी-बुरी परिस्थिति में वो हमेशा मदद करने के लिये तैयार रहती है। हम लोग सहपाठी हैं और हर समय एक-साथ होते हैं। हम दोनों रोज एक-साथ स्कूल जाते हैं और अपने घर के पास के मैदान में प्रतिदिन खेलते हैं।

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध 2 (150 शब्द)

सच्ची दोस्ती करना हरेक के लिये बहुत कठिन कार्य है हालांकि अगर कोई सच्ची दोस्ती को पाता है तो एक बड़ी भीड़ में वो बहुत भाग्यशाली व्यक्ति होता है। ये जीवन का एक दैवीय और सबसे अनमोल उपहार है। सच्ची दोस्ती कम ही नसीब होती है और जीवन की एक बड़ी उपलब्धियों के रुप में गिनी जाती है। मैं उतना ही भाग्यशाली हूं क्योंकि मेरे बचपन से ही मेरे पास एक अच्छा दोस्त है। उसका नाम नवीन है और वो आज भी मेरे साथ है। वो मेरे लिये बहुत मायने रखता है और मैं उसकी दोस्ती को बहुत महत्व देता हूं।

हम दोनों कक्षा 7 में हैं और अच्छे से पढ़ते हैं। मेरा परम मित्र स्वाभाव में बहुत प्यारा है और सभी उसे बहुत प्यार करते हैं जैसे मेरे अभिभावक, मेरे क्लास टीचर और मेरे पड़ोसी आदि। वो मेरे कक्षा का एक आदर्श विद्यार्थी है। वो बहुत समयनिष्ठ है और सही समय पर स्कूल में आता है। वो अपने घर का सारा काम समय और नियमित तौर पर करने के साथ ही मेरी भी मदद करता है। वो अपनी किताबें और काँपियों को बहुत अच्छे से रखता है। उसका लेखन बहुत अच्छा है और वो मुझे भी अच्छा लिखने के लिये प्रेरित करता है।

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध 3 (200 शब्द)

मेरा सबसे अच्छा दोस्त कुछ खास है जिससे मैं अपनी सारी भावनाएँ बाँट सकता हूँ। वो राघव है। वो मेरे पड़ोसी के रुप में मेरे साथ एक ही कालोनी में रहता है। हम दोनों नर्सरी क्लास के पहले दिन ही एक-दूसरे से मिले थे। हम दोनों क्लास में एक साथ बैठते हैं और बिना किसी परेशानी के बहुत खुशी से सबकुछ बाँटते हैं। हम दोनों एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं साथ ही साथ एक-दूसरे की ज़रुरत को भी समझते हैं। वो एक लंबा, गोरा, अच्छा दिखने वाला, स्मार्ट और स्वाभाव से नेतृत्वकर्ता है। वो पढ़ाई में बहुत अच्छा है और सभी से अच्छा व्यवहार करता है। वो अपने क्लास और गृहकार्य को ध्यानपूर्वक करता है। वो अपने क्लास शिक्षकों का पसंदीदा छात्र है क्योंकि वो बहुत समयनिष्ठ है और सभी सदाचार का अनुसरण करता है।

हम लंच के समय में अपना टिफिन बाँट कर खाते हैं। वो मेरी भावनाओं की कद्र करता है और हमेशा मेरी मदद करता है। हम दोनों की बहुत सी बातें जैसे शौक, पसंद, नापसंद आदि एक जैसे हैं। हम दोनों को गीत सुनना, कार्टून देखना और घर पर कैरम खेलने से प्यार है। हम दोनों स्कूल और खेल के मैदान में एक-दूसरे का ध्यान रखते हैं। जब भी हम दोनों में से कोई स्कूल में कुछ दिनों के लिये नहीं आ पाता है तो हम दोनों एक-दूसरे की कॉपी से मदद ले लेते हैं। खाली समय में हम दोनों को सीनरी, कला बनाना पसंद है। हम लोग हर सर्दी और गर्मी की छुट्टियों में अपने अभिभावकों के साथ पिकनिक और यात्रा पर जाते हैं।


 

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध 4 (250 शब्द)

मेरे सबसे अच्छे दोस्त का नाम ज्योति है। वो मेरी अच्छी दोस्त है और मेरा बहुत ध्यान रखती है। वो मुझसे अच्छा व्यवहार करती है और हमेशा मदद करती है। मैं उससे क्लास 6 में मिला और फिर हम दोनों अच्छे दोस्त बन गये। वो मेरी सच्ची दोस्त है क्योंकि वो मुझे अच्छे से समझती है और मेरी हर ज़रुरतों का ध्यान रखती है। मैं उसे बहुत पसंद करता हूँ। मेरा इसके पहले तक उसके जैसा कोई दोस्त नहीं था। वो मेरे घर आती है और मैं भी उसके घर जाता हूँ। हमारे अभिभवाक हम दोनों को बहुत प्यार करते हैं और हमारी दोस्ती को पसंद करते हैं। वो मेरे लिये अनमोल है और मैं कभी उसकी दोस्ती को खोना नहीं चाहता। जब कभी-भी मैं क्लास में नहीं आ पाता, वो बचे हुए सभी क्लास और गृह कार्य को पूरा करने में मेरी मदद करती है।

वो कई सारी बातों में मेरी तरह ही है। वो कभी मुझसे बहस नहीं करती और कोई भी बात अच्छे से समझाती है जिसमें मैं फँस जाता हूँ। वो बहुत खुले दिमाग की लड़की है और कभी-भी मेरे गलत व्यवहार से बुरा नहीं महसूस करती। वो स्वाभाव से बहुत मनोरंजक है और खाली समय में अपनी बातों और मजाक के द्वारा मुझे हँसाती है। वो बहुत प्यारी और आकर्षक है, और सभी को अपने बात करने के तरीके और मुस्कान से आकर्षित कर लेती है। क्लासरुम और परीक्षा में वो मुझे हमेशा अच्छा करने के लिये प्रेरित करती है। वो खेल और अकादमिक क्रियाओं में अच्छी है। वो अपने हर कठिन कार्यों को ठीक तरीके से करने के लिये मुझसे सलाह लेती है। अपने कठिन समय में हम दोनों हर चीजों को आपस में बाँटते हैं। हम दोनों क्लास टेस्ट और मुख्य परीक्षा में हमेशा अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध 5 (300 शब्द)

मेरे पास मेरे बचपन से बहुत सारे दोस्त हैं लेकिन रुषि मेरी हमेशा के लिये मेरी सबसे अच्छी दोस्त है। वो अपने माता-पिता के साथ मेरे घर के बगल के अपार्टमेंट में रहती है। वो एक प्यारी और स्वाभाव से मददगार लड़की है। जीवन में सही दिशा पाने और आगे बढ़ने के लिये हम सभी के लिये सच्ची दोस्ती की बहुत ज़रुरत है। अच्छा और सच्चा दोस्त पाना बहुत कठिन कार्य है हालांकि कुछ भाग्यशाली लोग इसे पाते हैं। वो मेरे सभी दोस्तों में पहली ऐसी व्यक्ति है जिससे मैं अपनी सभी भावनाओं को बाँट सकता हूँ। वो स्वाभाव से बहुत अच्छी है और सभी की मदद करती है। वो क्लास मॉनिटर है और सभी क्लास के शिक्षक उसे पसंद करते हैं। वो खेल और पढ़ाई में बहुत अच्छा प्रदर्शन करती है। उसका व्यक्तित्व बहुत अच्छा है और ज़रुरतमंद लोगों की मदद करना उसे बहुत पसंद है।

वो सभी के लिये स्वाभाव से बहुत दोस्ताना है और जोशीले तरीके से मिलती है। वो सकारात्मक सोचती है और हर समय मुझे प्रेरित करती है। वो बहुत विनम्रता से बात करती है और कभी-भी मुझसे और दूसरों से नहीं लड़ती है। वो कभी झूठ नहीं बोलती और अच्छा व्यवहार करती है। वो बहुत मजकिया इंसान है और जब कभी-भी हम लोग दुखी होते हैं तो वो मजाकिया चुटकुले और कहानियाँ सुनाना बहुत पसंद करती है। वो एक सहानुभूतिशील मित्र है और हमेशा मेरा ध्यान रखती है। अपने जीवन में कुछ भी कठिन करने की उसके पास क्षमता है और मैं हमेशा उसकी हर छोटी-बड़ी उपलब्धियों पर उसकी सराहना करता हूँ। वो स्कूल की बहुत प्रसिद्ध विद्यार्थी है क्योंकि वो पढ़ाई, खेल और दूसरी गतिविधियों में बहुत अच्छी है।

वो क्लास टेस्ट और मुख्य परीक्षा में हमेशा सबसे अधिक अंक लाती है। परीक्षा के समय वो किसी भी विषय को बहुत आसानी से समझाती है। उसके पास बहुत अच्छी अवलोकन शक्ति और कौशल है। जब भी शिक्षक क्लास में कुछ समझाते हैं वो उसको बहुत तेजी से समझती है। वो बहुत अच्छी फुटबॉल खिलाड़ी है और स्कूल और जिला स्तर के कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कार भी जीता है।


 

मेरा अच्छा दोस्त पर निबंध 6 (400 शब्द)

मेरे जीवन में हमेशा से एक दोस्त रहा है जिसका नाम आशुतोष है। मेरे जीवन में वो कुछ खास है जो मेरी हर मुश्किल समय में मेरी मदद करता है। वो कोई ऐसा है जो मुझे सही रास्ता दिखाता है। अपने व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उसके पास मेरे लिये हमेशा समय रहता है। वो मेरा पड़ोसी है इसी वजह से स्कूल बीत जाने के बावजूद भी हम दोस्त हैं। जब भी हमें स्कूल से छुट्टी मिलती है हम लोग साथ में पिकनिक पर जाते हैं। हम दोनों अपने त्योहारों को एक-दूसरे के साथ और परिवार के साथ मनाते हैं। हम लोग रामलीला मैदान में एक-साथ रामलीला मेला देखने जाते हैं और बहुत मस्ती करते हैं। हम दोनों स्कूल के पाठ्येतर क्रियाकलापों में हमेशा भाग लेते हैं। हम दोनों घर पर क्रिकेट और कैरम खेलना पसंद करते हैं। वो मेरे लिये एक दोस्त से भी बढ़ कर है क्योंकि वो हमेशा मुझे सही रास्ता दिखाता है जब भी मैं कठिन परिस्थितियों में रहता हूँ।

वो मेरे जीवन में बहुत खास है। मैं उसके बिना कुछ नहीं करता। वो हमेशा एक अच्छे मूड में रहता है और गलत रास्तों से कभी समझौता नहीं करता है। वो हमेशा सही चीजें करता है और क्लास में भी सभी को सही कार्य करने के लिये प्रेरित करता है। वो अपने कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराता रहता है और कभी भी अपने परेशानियों को अपने चेहरे पर नहीं आने देता है। वो एक अच्छा सलाहकार है कुछ भी समझाना उसे पसंद है। वो अपने माता-पिता, दादा-दादी और दूसरे पारिवारिक सदस्यों का ध्यान रखता है। वो हमेशा उनकी और समाज के दूसरे बुढ़े लोगों की आज्ञा का पालन करता है। मैं उससे पहली बार मिला जब मैं पाँचवीं कक्षा में था और अभी हम दोनों आठवीं कक्षा के एक ही वर्ग में पढ़ते हैं।

वो बहुत लंबा है और मेरे दूसरे सहपाठियों से बहुत अलग दिखता है। एक बार मैं कुछ कारणों से बहुत दुखी हो गया था। मैं कक्षा 6 की सभी ज़रुरी किताबें नहीं खरीद सकता था। उसने मुझसे पूछा, क्या हुआ तो मैं उसे अपनी पूरी कहानी सुनाई। उसने कहा कि इतनी छोटी सी बात के लिये तुम इतने दिन से दुखी हो। वो हंसने लगा और कहा कि घबराओ मत मैं स्कूल और घर में तुम्हारे साथ सभी किताबें साझा कर सकता हूँ। तुम्हें पूरे साल भर एक भी किताब खरीदने की जरुरत नहीं है। इसके बाद उसने मुझे अपने चुटकुले और कहानियों के द्वारा हँसाया। मैं उस पल को कभी नहीं भूल सकता जब उसने मेरी मदद की और वो हमेशा मेरी मदद को तैयार रहता है। वो बहुत व्यवहारिक है और कभी-भी व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को मिलाता नहीं है। वो हमेशा मेरी गणित के प्रश्नों को हल करने में मदद करता है। हमारी पसंद और नापसंद अलग है फिर भी हम दोनों सबसे अच्छे दोस्त हैं।


Previous Story

पिता पर निबंध

Next Story

स्वयं पर निबंध

मेरा प्रिय मित्र


'मेरा प्रिय मित्र' सौरभ है। सौरभ एक बहुत अच्छा लड़का है। मेरे स्कूल और मोहल्ले के अनेक मित्र होने के बावजूद, मैं सौरभ को बहुत पसन्द करता हूँ, जिस कारण वह मेरा प्रिय मित्र है। सौरभ अति विनम्र और सरल स्वभाव का है।

सौरभ मेरे साथ मेरे स्कूल मेँ मेरी ही कक्षा मेँ अध्ययन करता है। उसके पिताजी एक वकील हैं। वह स्वयं भी अपने पिता की तरह एक अच्छा वकील बनना चाहता है। सौरभ की माताजी एक ग्रहणी हैं। वे अति मधुर और स्नेहशील महिला हैँ। सौरभ के परिवार मेँ उसके माता-पिता के अतिरिक्त एक छोटी बहिन है, जो बहुत प्यारी एवम नटखट है।

सौरभ एक मेधावी छात्र है। वह हमारी कक्षा मेँ सदैव प्रथम आता है। सौरभ पढ़ाई के साथ-साथ खेलों मेँ भी रुचि रखता है। उसका पसंदीदा खेल शतरंज है। वह हमारे विद्यालय का शतरंज का सर्वोच्च खिलाड़ी है। शतरंज के खेल में सौरभ हमारे विद्यालय का अनेक बार प्रतिनिधित्व कर चुका है और विद्यालय का नाम रोशन कर चुका है।

सौरभ एक सहनशील और आज्ञाकारी लड़का है। वह सदैव सत्य बोलता है एवम झूठ से उसे सख्त नफरत है। इतने गुण होने के बावजूद भी उसे किसी भी प्रकार का घमंड नहीँ है। वह हमारे विद्यालय मेँ बहुत लोकप्रिय है। सही मायने मेँ वह एक आदर्श छात्र, एक आदर्श पुत्र, एक आदर्श भाई एवम एक आदर्श मित्र है। मुझे अपने प्रिय मित्र सौरभ पर गर्व है।

0 thoughts on “Essay On Mera Priya Mitra In Hindi”

    -->

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *